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नुक्कड़-नाटक से महिलाओं को घरेलू हिंसा के प्रति किया जागरूक, की प्रदेश में शराब बंदी की मांग 

नुक्कड़-नाटक से महिलाओं को घरेलू हिंसा के प्रति किया जागरूक, की प्रदेश में शराब बंदी की मांग 

12 Jan 2021
वाराणसी। काशीलाइव (Kashilive.com)

प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में प्रदेश में शराबबंदी की मांग को लेकर सैकड़ों महिलाएं लगातार दूसरे दिन सड़क पर उतरी। नशा व महिलाओं पर बढ़ रही घरेलू हिंसा व लड़कियों और महिलाओं पर बढ़ रहे यौन उत्पीड़न के खिलाफ मंगलवार को प्रेरणा कला मंच के कलाकारों ने गांवो में नुक्क्ड़-नाटक दिखाकर लोगों को जागरुक किया। 

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इस दौरान कई जगह शराब बिक्री के खिलाफ सैकड़ो महिलाओं और ग्रामवासियों ने प्रदर्शन किया। आक्रोशित महिलाओं ने शराब भगाओ प्रदेश बचाओ, चुप नही रहना है, हिंसा नही सहना है, शराब बिक्री पर रोक लगाओ आदि के नारे लगाये। आशा ट्रस्ट, लोक समिति, प्रेरणा कला मंच द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रेरणा कला मंच के कलाकारों ने आराजी लाइन ब्लाक के हरसोस, बेनीपुर, बीरभानपुर और नागेपुर गांव में नशा, महिला हिंसा, लैंगिक भेदभाव पर नुक्कड़ नाटक किया। 

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नशा पर आधारित नाटक ‘मैकू’ और महिला हिंसा और लड़कियों की शिक्षा पर आधारित नुक्कड़ नाटक 'बढ़िये और बढाइये के मंचन में कलाकारों ने जीवंत अभिनय कर दर्शकों के दिलों को भी झकझोर कर रख दिया। कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक, गीतों और अन्य माध्यमों से नशा और महिला हिंसा के खिलाफ आवाज बुलंद किया। 

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सभा के माध्यम से महिलाओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा महिलाओं के साथ हिंसा और दुराचार की घटनाएं हो रही हैं। औरतों पर बढ़ती हिंसा का सबसे बड़ा कारण शराब है। शराब माफिया अवैध रूप से जहरीली शराब बनाकर लोगों की जान ले रहे है। महिलाओं ने प्रदेश में शराब माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही करने तथा उत्तर प्रदेश में पूर्ण शराब बन्दी की मांग की। 

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लोक समिति संयोजक नन्दलाल मास्टर ने कहा कि शराब की वजह से आज का युवा और गांव तबाह हो रहा है, औरतों पर हिंसा अब और नहीं बर्दाश्त की जाएगी। गांव-गांव में महिलाओं का संगठन बनाकर शराब और महिला हिंसा के खिलाफ लगातार आवाज उठाएंगे। कार्यक्रम में अजीत कुमार, रंजीत, संदीप, अजय पाल, गोविंदा, सशांक द्विवेदी, विजय प्रकाश, प्रमोद पटेल, शिवकुमार, सोनू, अमित, रामबचन, सोनी, अनीता, आशा, पंचमुखी, मोहम्मद सजाद, रोनू, सरोज, मुकेश झंझरवाल, ममता, सुनील, सरोज, चन्द्रकला, विद्या, कलावती, श्यामसुन्दर, पंचमुखी आदि शामिल रहे।
 



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