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125वीं जयंती पर कांग्रेस ने आयोजित की गोष्ठी, कहा- आजादी के महसंग्राम के अप्रतिम योद्धा थे नेता जी 

125वीं जयंती पर कांग्रेस ने आयोजित की गोष्ठी, कहा- आजादी के महसंग्राम के अप्रतिम योद्धा थे नेता जी 

23 Jan 2021
वाराणसी। काशीलाइव (Kashilive.com)

भारतीय स्वाधीनता-संग्राम के अद्भुत महानायक थे नेता जी सुभाष चन्द्र बोस, जिन्होंने स्वतंत्रता के मर्म को देशवासियों को इस तरह समझाया जिससे पूरा देश आजादी के महासंग्राम की प्रेरणा से अभिप्रेरित होकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लड़ने को एकजुट हुआ था। उक्त विचार शनिवार को इंगलिशियालाईन स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी फाउन्डेशन के कार्यालय में आयोजित नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की 125वीं जयंती पर आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं द्वारा व्यक्त किया गया।

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वक्ताओं ने आगे कहा कि दुनिया के किसी भी स्वाधीनता संग्राम में ऐसा उदाहरण नहीं मिलता जिसमें   किसी दूसरे देश के महानायक ने विदेश की धरती पर सेना गठित करके अपने देश को आजाद कराने की लड़ाई को लड़ा हो, जय हिन्द नारे के प्रणेता नेता जी सुभाष चन्द्र बोस का यह अद्भुत और अकल्पनीय   कारनामा जहां दुनियां भर को अचंभित कर गया तो वहीं अंग्रेजी हुकूमत को इतनी बड़ी चेतावनी दे गया कि आखिर उन्हें देश छोड़कर जाने को विवश होना पड़ा। 

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नेता जी का यह ऐतिहासिक आह्वान कि ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा’ देशवासियों की रगों  में बिजली की तरह कौंध गया और आजादी की लहर पूरे देश भर में चल पड़ी थी। नेता शब्द को  वास्तविक अर्थ देने वाले और आजाद हिन्द सेना के अप्रतिम सेनानायक नेता जी सुभाष चन्द्र बोस अलग  तरीके से आजादी का संग्राम लड़ने के बावजूद अहिंसा के पुजारी पूज्य महात्मा गांधी से गहरा आत्मभाव रखते थे और उनका बेहद सम्मान करते थे। इसी भाव से उन्होंने गांधी जी को राष्ट्र पिता नाम से संम्बोधित किया था। ऐसे महानायक का त्याग और संघर्षमय जीवन और देश के लिये मर-मिटने का जज्बा देश की वर्तमान और भावी पीढ़ी का हमेशा मार्गदर्शन करता रहेगा।

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विचार गोष्ठी  की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष विजय शंकर पाण्डेय और संचालन उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ के पूर्व चेयरमैन बैजनाथ सिंह ने किया।  गोष्ठी में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ पत्रकारिता विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफ़ेसर अनिल कुमार उपाध्याय, शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विजयशंकर मेहता, छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह,  पीसीसी सदस्य भूपेन्द्र प्रतापसिंह, सहित राकेश चन्द्र शर्मा,  डाक्टर उमापति उपाध्याय, विजय कृष्ण,  अशोक कुमार पाण्डेय,  आनन्द मिश्रा, राजेन्द्र प्रसाद जायसवाल, राजू भारती,  सुशील सोनकर, पुनीत मिश्रा, विनोद कुमार सिंह ‘कल्लू’, विपिन मेहता,  सुभाष राम, मोहम्मद अरशद, शुभम राय, जावेद अहमद, पिन्टू शेख आदि मौजूद रहे।



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