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टीबी से ग्रसित बच्चों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों को गोद लें बनारस के उद्यमी: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

टीबी से ग्रसित बच्चों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों को गोद लें बनारस के उद्यमी: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

टीबी के मरीजों को घर-घर जाकर चयनित करने के लिए यूपी सरकार ने चलाया अभियान: आनंदीबेन पटेल
कहा- महिलाएं एवं बच्चे हमारा स्तंभ स्वरूप, जब वही कुपोषित होंगे तो भविष्य कैसे बनेगा
चिकित्सा व्यवस्था एवं लोगों के सहयोग से 2025 तक भारत वास्तव रूप में टीबी मुक्त हो जाएगा

4 Jan 2021
वाराणसी। काशीलाइव (Kashilive.com)

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने वाराणसी के साड़ी इंडस्ट्रीज व माइक्रो स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज(एमएसएमई) के उद्यमियों से टीबी से ग्रसित बच्चों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों को गोद लेकर समाज का सहयोग करने की अपील करते हुए उन्हें अपने प्रेरणादायी संबोधन से प्रेरित किया। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि कोरोना काल लोगो का सहयोग करने के लिए किसी को निमंत्रण नहीं दिया गया था, किंतु भारत की संस्कृति के अनुरूप लोग स्वयं आगे आकर लोगों का हर स्तर पर सहयोग किया। जिसे पूरी दुनिया ने देखा और पूरे विश्व में हम इस क्षेत्र में सबसे अग्रणी रहे।

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उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल अपने तीन दिवसीय वाराणसी दौरे के दूसरे दिन सोमवार को सर्किट हाउस सभागार में वाराणसी के साड़ी इंडस्ट्रीज व माइक्रो स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज(एमएसएमई) उद्यमियों के संग बैठक के दौरान टीबी से ग्रसित बच्चों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों को गोद लेकर उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सामाजिक सहयोग के प्रति लोगों को सामाजिक दायित्व का बोध कराते हुए सहयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि हमारे नन्हे-मुन्ने बच्चे ही देश के भविष्य है, जब वही कुपोषित हो तो भविष्य कैसे बनेगा। देश की जितनी आबादी है, सरकार अपने स्तर पर हर क्षेत्रों में बहुत बड़े पैमाने पर लोगों के जीवन स्तर को सुधारने एवं सामाजिक कार्यों को कर रही है। लेकिन इस कार्य में समाज के उद्यमियों एवं प्रबुद्ध जनों को भी बढ़ चढ़कर आगे आकर अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करना होगा। 

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राज्यपाल ने जोर देते हुए कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय निर्माण की बात सामने आने पर अनेको एनजीओ ने आगे आकर इस कार्य में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और आज वर्तमान समय में शत-प्रतिशत शौचालय का निर्माण हो गया। अन्यथा शौचालयों के निर्माण कराने में ही कई वर्ष लग जाते। पूरे विश्व में वर्ष 2030 तक दुनिया को टीबी से मुक्त करने की घोषणा की है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोचा कि तब तक हमारे कितने बच्चों की मौत हो जाएगी और इसलिए उन्होंने भारत को वर्ष 2025 तक पूरी तरह टीवी मुक्त करने का संकल्प लिया है। चिकित्सा व्यवस्था एवं लोगों के सहयोग से 2025 तक भारत वास्तव रूप में टीबी मुक्त हो जाएगा। 

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उन्होंने उद्यमियों से जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा से संपर्क कर टीबी ग्रसित बच्चों को गोद लेकर उनकी देखरेख तथा पोस्टिक आहार उपलब्ध कराए जाने पर जोर देते हुए कहा कि टीबी से ग्रसित बच्चों को समय से दवा व पौष्टिक आहार मिलता रहे, तो वे आगामी 6 माह के अन्दर टीबी रोग से मुक्त हो जाते हैं। टीबी ग्रसित गोद लिए बच्चों के घरों पर जब जाकर उनकी देखरेख किया जाएगा, तो उनमें और उनके अभिभावको में भाव पैदा होगा। उन्होंने कहा कि टीबी के बच्चों को घरों में ही कैद न किया जाए बल्कि उन्हें स्कूलों में भी भेजा जाए। जिससे उनकी शैक्षणिक गतिविधि किसी भी दशा में रुकने न पाए। 

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उन्होंने बताया कि पूरे भारत के 20 फ़ीसदी टीबी ग्रसित बच्चे उत्तर प्रदेश में है। टीवी से ग्रसित मरीजों को चिन्हित करके यदि उन्हें समय से अस्पताल पहुंचाया जाए और उनका देखरेख किया जाए, तो वे आगामी 5 से 6 माह के अंदर टीबी रोग से मुक्त हो जाते हैं। टीवी के मरीजों को घर-घर जाकर चयनित करने का उत्तर प्रदेश सरकार ने अभियान चलाया है।राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उद्यमियों से आंगनवाड़ी केंद्रों को गोद लेकर वहां पर बच्चों को बैठने के टेबुल, बेंच, किताबें एवं खिलौना आदि की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया। जिससे आंगनवाड़ी केंद्रों के प्रति लोगो एवं नौनिहालों में रुझान पैदा हो सके। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा महिलाएं व बच्चे हमारा स्तंभ स्वरूप है। हमारी बच्चियां कमजोर होंगी तो भारत को मजबूत नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने बच्चों को संस्कारी बनाए जाने पर भी विशेष जोर दिया।

उत्तर प्रदेश के लघु एवं सूक्ष्म उद्योग राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने भी उद्यमियों से टीवी ग्रसित बच्चों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों को गोद लेकर अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मां संस्कारी व सुशील होगी तो बच्चे भी वैसे ही होंगे, तो देश भी सशक्त होगा। उन्होंने उद्यमियों का आह्वान करते हुए कहा कि समाज एवं सृष्टि के लिए जीना होगा।

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जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का स्वागत करते हुए कहा कि  राज्यपाल की प्रेरणा निश्चित रूप से बनारस को मानवीय शहर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। टीवी ग्रसित बच्चों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों को गोद लेने की दिशा में जिला प्रशासन कार्यक्रम चला रहा है और चलाता रहेगा, ताकि संवाद कायम रहे। उन्होंने राज्यपाल की भावनाओं के अनुरूप सामाजिक दायित्व से संबंधित इन महत्वपूर्ण कार्यक्रमो को निरंतर चलाए जाने का भी भरोसा दिया।

इस दौरान उद्यमियों ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को टीवी ग्रसित बच्चों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों को उनकी भावनाओं के अनुरूप गोद लेकर समुचित सहयोग दिए जाने का आश्वासन दिया। बनारसी साड़ी के निर्माता सर्वेश श्रीवास्तव ने अपने आय का 10 फ़ीसदी धनराशि टीवी ग्रसित बच्चों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के सहायतार्थ उपलब्ध कराए जाने को कहा। बनारसी साड़ी के निर्माता सर्वेश श्रीवास्तव ने बनारसी साड़ी पर बने राम मंदिर की कलाकृति से संबंधित साड़ी भी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भेंट किया। इस अवसर पर जनपद के विभिन्न उद्यमी संगठनों के पदाधिकारी एवं उद्यमी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
 



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