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भारत के गांवों को उनके नसीब पर छोड़ दिया गया था-मोदी, स्वामित्व योजना से बदलेगी गांवों की तस्वीर

भारत के गांवों को उनके नसीब पर छोड़ दिया गया था-मोदी, स्वामित्व योजना से बदलेगी गांवों की तस्वीर

प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम सेा भू-संपत्ति मालिकों को ‘स्वामित्व’ योजना के अंतर्गत संपत्ति कार्ड वितरण योजना का किया शुभारंभ

वाराणसी। काशीलाइव

भारत को सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत में बदलाव के लिए बड़े सुधार के क्रम में वाराणसी के सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रविवार को भू-संपत्ति मालिकों को ‘स्वामित्व’ योजना का शुभारंभ किया। पायलट प्रोजेक्ट के तहत 6 राज्यों के 763 गांव में संपत्ति कार्ड वितरण योजना शुरु हुई। स्वामित्व योजना” के तहत तैयार किए गए प्रॉपर्टी कार्ड का डिजिटल वितरण भी किया गया। स्वामित्व योजना से अब तक एक करोड़ 31 लाख लोग पंजीकृत हो चुके हैं।

देश नौजवान का, बनें आत्मनिर्भर: मोदी 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वामित्व योजना गांव में अनेकों विवाद समाप्त करने का माध्यम बनेगी। शोषित, वंचित, गरीबों, अनपढ़ सभी के लिए यह स्वामित्व योजना बड़ा कदम है। गांवों के बहुत नौजवान आत्म विश्वास से आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं, प्रॉपर्टी का स्वामित्व अभिलेख मिलने से अब वे बैंकों से लोन प्राप्त कर सकेंगे। भारत की आत्मा गांवों में बसती है लेकिन भारत के गांवों को उनके नसीब पर छोड़ दिया गया था। लेकिन हम ऐसा नहीं कर सकते और गाँवो के विकास के लिए हर संभव कार्य एवं प्रयास कर रहा हूं और करुगा। गत 6 वर्ष में जितने कार्य गाँवो के लिए हुए वह 6 दशकों में भी नहीं हो सका। शौचालय, विद्युत कनेक्शन, बेहतर एवं अच्छी सड़क, गैस कनेक्शन, पेयजल सहित अनेको मूलभूत सुविधाएं गांवो में मुहैया कराया गया। 2 करोड़ पक्के घर लोगों को मिल चुके हैं, शेष लोगों को भी पक्के घर मिले सुनिश्चित कराया जा रहा है। गांवों के 15 करोड़ घरो तक ष्जल जीवन मिशनष् के तहत पानी पहुंच रहा है। जहा अभाव होता है वहां ऐसी-ऐसी ताकतों का प्रभाव परेशान करके रखता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाभार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमने अभावों से मुक्ति का अभियान चलाया है। उन्होंने कोरोना वैश्विक महामारी के संक्रमण एवं बचाव के लिए ष्जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहींष् का महामंत्र देते हुए लोगों को सजग एवं सचेत किया।
     
मोदी के संसदीय क्षेत्र में जिलाधिकारी ने दिया घरौनी प्रमाण पत्र-

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कमिश्नरी सभागार में राजस्व एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के साथ पीएम मोदी के हाथों शुरु हुए स्वामित्व योजना को वेबलिंक पर कार्यक्रम को देखा। इस अवसर पर जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने राजातालाब तहसील के विकासखंड सेवापुरी के राजस्व ग्राम मड़ैया की सरस्वती, चंद्रावती, बीरमपुर के प्रशांत सिंह, राजेश सिंह, रसुलहा के विजय बहादुर, सरोजा देवी, फूलपत्ती, हिततापुर के कमलेश, उमाशंकर, मुंशी, रामजी, प्रेम कुमार, गणेश गौड़, लक्ष्मण, रानिक्स के दीनानाथ, रामउजागिर तथा राजस्व ग्राम देवापुर कला के बृजेश एवं जवाहिर सहित 18 लोगों को डिजिटल घरौनी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया। जिलाधिकारी के हाथों घरौनी के रूप में अपना सम्पत्ति प्रमाण पत्र पाकर लाभार्थियों के चेहरे चमक उठे और उनमें आत्मविश्वास सहज ही देखा जा सकता था। इसके अलावा आज ही ष्स्वामित्व योजना के समस्त 09 राजस्व ग्रामों के पंचायत भवनध्सामुदायिक केन्द्रध्प्राथमिक विद्यालय में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में 591 गृह स्वामियों को घरौनी का वितरण किया गया।

जिलाधिकारी का वादा, छह माह में पूरा करेंगे टारगेट

 जिलाधिकारी ने लाभार्थियों से बताया कि यह स्वामित्व योजना अभी जनपद के 09 राजस्व ग्रामों में ही लागू था लेकिन आज से यह जनपद के पूरे 760 ग्रामों में लागू हो गया है। आगामी 6 माह के अंदर घरौनी वितरण का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।

स्वामित्व योजना का ऐसे मिलेगा लाभ, करना होंगे ये काम-

योजना के तहत लगभग एक लाख भू-संपत्ति मालिक अपने मोबाइल फोन पर एसएमएस के द्वारा प्राप्त होने वाले लिंक से संपत्ति कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। इसके बाद संबंधित राज्य सरकारें संपत्ति कार्ड का फिजिकल वितरण करेंगी। इसके अंतर्गत 6 राज्यों के 763 गांवों के लोग लाभान्वित होंगे, जिसमें उत्तर प्रदेश के 346, हरियाणा के 221, महाराष्ट्र के 100, मध्य प्रदेश के 44, उत्तराखंड के 50 और कर्नाटक के 2 गांव शामिल होंगे। इस योजना से भू-संपत्ति मालिक अपने संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के तौर पर इस्तेमाल कर सकेंगे। इसका इस्तेमाल लोन आदि के आवेदन समेत अन्य आर्थिक लाभ के लिए किया जा सकेगा।

पंचायती राज मंत्रालय की है योजना

‘स्वामित्व’ केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक योजना है। इसके बारे में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस, 24 अप्रैल, 2020 को घोषणा की थी। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को ‘रिकॉर्ड ऑफ राइट्स’ देने के लिए संपत्ति कार्ड का वितरण किया जाना है। इस योजना का क्रियान्वयन 4 वर्ष में चरणबद्ध ढंग से किया जाएगा। इसे 2020 से 2024 के बीच पूरा किया जाना है और देश के 6.62 लाख गांवों को कवर किया जाना है। इसमें से एक लाख गावों को आरंभिक चरण (पायलट फेज) में 2000-21 के दौरान कवर किया जाएगा। इस आरंभिक चरण में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक के गांवों के साथ-साथ से पंजाब तथा राजस्थान के सीमावर्ती कुछ गांव शामिल होंगे। पंजाब और राजस्थान में नियमित प्रचालन प्रणाली स्टेशन (सीओआरएस) नेटवर्क भी स्थापित किया जाएगा। इन सभी राज्यों ने सर्वे ऑफ इंडिया के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत इस योजना के क्रियान्वयन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन सर्वेक्षण किया जाएगा। इन राज्यों ने डिजिटल संपत्ति कार्ड के प्रारूप और जिन गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण किया जाना है उसे अंतिम रूप दे दिया है। पंजाब और राजस्थान में सीओआरएस नेटवर्क की स्थापना के लिए सर्वे ऑफ इंडिया से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं ताकि भविष्य में ड्रोन उड़ाने संबंधी गतिविधियों को संचालित करने में मदद की जा सके। अलग-अलग राज्यों में संपत्ति कार्ड को अलग-अलग नाम दिए गए हैं। हरियाणा में ‘टाइटल डीड’, कर्नाटक में ‘रूरल प्रॉपर्टी ओनरशिप रिकॉर्ड’ (आरपीओआर), मध्यप्रदेश में ‘अधिकार अभिलेख’, महाराष्ट्र में ‘सनद’, उत्तराखंड में ‘स्वामित्व अभिलेख और उत्तर प्रदेश में ‘घरौनी’ नाम दिया गया है।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा-

  1.  स्वामित्व योजना गांवों में अनेकों विवाद समाप्त करने का माध्यम बनेगी-
  2. शोषित, वंचित, गरीबों, अनपढ़ सभी के लिए यह स्वामित्व योजना बड़ा कदम है-
  3. भारतवासियों  को सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत में बदलाव के लिए स्वामित्व योजना” लागू
  4. भारत की आत्मा गांवों में बसती है लेकिन भारत के गांवों को उनके नसीब पर छोड़ दिया गया था
  5. गांवों के विकास के लिए हर संभव कार्य एवं प्रयास कर रहा हूं और करुगा
  6. गत 6 वर्ष में जितने कार्य गाँवो के लिए हुए वह 6 दशकों में भी नहीं हो सका
  7. स्वामित्व योजना से अब तक एक करोड़ 31 लाख लोग पंजीकृत हो चुके हैं


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