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प्रियंका वाड्रा पर बरसे बनारस के नेता, जानिए किन मुद्दों पर भाई-बहन को घेरा

प्रियंका वाड्रा पर बरसे बनारस के नेता, जानिए किन मुद्दों पर भाई-बहन को घेरा

वाराणसी। काशीलाइव

महिलाओं के साथ अनाचार, दुराचार, बलात्कार आदि संवेदनशील घटनाओं पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। जो भी ऐसी घटनायें चाहे जिस राज्य में हो रही हैं वो बेहद शर्मनाक हैं। हाथरस, राजस्थान आदि की घटनायें सामाजिक सोच को भी दर्शाती हैं। हम जब तक अपने परिवार के बच्चो को बचपन से ही संस्कार नही सिखायेगे तो ऐसी घटनायें कोइ भी सरकार नहीं रोक सकती। अच्छा  संस्कार देने से ही हम भ्रष्टाचार मुक्त, चरित्रवान देश बना सकते हैं।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एनपी सिंह ने कहा कि बचपन में रामचरित मानस, हितोपदेश, पंचतन्त्र की शिक्षा व दिये गये संस्कार से हम बड़े हुए । पर अब बच्चे नेट व फिल्में देखकर बडे हो रहे जहां पिता पुत्र बैठकर एक साथ शराब पीते हैं। अर्धनग्न हीरोइने के साथ अभिनेता अमर्यादित ढंग से गाना गाते हैं। अब तो ड्रग का सेवन व व्यापार भी फिल्मी दुनिया में व्याप्त हो चुका है। देश के बाहर से नशे के पदार्थ आ रहे।  मैंने राजनीति की चर्चा इसलिए की कि जहां राहुल व प्रियंका हाथरस की यात्रा करना चाहते हैं पर राजस्थान में दो नाबालिग बच्चियो के साथ हुए रेप पर अजमेर नहीं जायेगे।

पायल घोष ने अनुराग कश्यप के विरुद्ध महाराष्ट्र में बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया पर उसे कार्यवाही के लिये आंदोलन की धमकी देनी पड़ रही पर प्रियंका वाड्रा ट्वीट तक नहीं करेंगी । प्रियंका वाड्रा उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री से इस्तीफा मांगती हैं। उसी आधार पर राजस्थान व महाराष्ट्र के मुख्यमन्त्री से इस्तीफा मांगने का साहस नहीं कर पा रही हैं। मोमबत्ती गैंग, थाली में छेद करने की बात करने वाली आदि पता नहीं किस दरबे में घुस गयीं हैं । उत्तरप्रदेश में 2020 में 2016 की अपेक्षा महिलाओं पर रेप कांड 36 प्रतिशत कम हुआ है।

 2016 में तो योगी जी मुख्यमन्त्री नहीं थे। अखिलेश यादव थे। अखिलेश यादव के समय ही बदायूं की घटना हुई थी । अखिलेश यादव की सरकार ने प्रियंका वाड्रा को उत्तरप्रदेश में घुसने से रोका भी था। हमें महिलाओं से सम्बन्धित अति संवेदनशील मामले पर राजनीति न कर सामाजिक जागरुकता लानी चाहिए।
 



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