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आतंक के क़हर से बचे पर कोरोना से जंग हार गए क़ानून के रक्षक

आतंक के क़हर से बचे पर कोरोना से जंग हार गए क़ानून के रक्षक

वाराणसी: 
काशी के अधिवक्ता प्रमोद श्रीवास्तव डेढ़ दशक पहले २३ नवम्बर को कचहरी में  हुए आतंकी हमले में घायल होने के बाद भी ज़िंदगी के मैदान में डटे रहे लेकिन कोरोना महामारी से वो लड़ नहीं पाए और उन्हें अपनी जान गँवानी पड़ी। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद श्रीवास्तव विगत कुछ दिन पूर्व करोना संक्रमित पाए गए थे। जिसके बाद उन्हें बीएचयू में आइसोलेट किया गया था जहां रक्षाबंधन के दिन उनकी मृत्यु हो गई।
 
घायल होने पर भी नहीं ली थी सरकार से मदद-

वरिष्ठ अधिवक्ता फौजदारी दिलिप सिंह बताते है कि 23नवम्बर 2007को जब दिवानी कचहरी मे भयानक बम ब्लास्ट हुआ तो प्रमोद श्रीवास्तव उस ब्लास्ट मे बुरी तरीके से घायल हो गये थे।उनका घायलो के लिस्ट मे नाम था।जब शासन के लोग उन्हे पचास हजार रुपया सहायता राशि के तौर पर देने लगे तो उन्होने बहुत ही विनम्रता से इंकार करते हुए कहा की मेरी जान बच गयी यही बहुत है आप इस पैसे को किसी और जरूरतमंद को दे दिजियेगा।
 
अधिवक्ताओं ने बीएचयू प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप -
बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानन्द राय व मृतक के भाई सुबोध श्रीवास्तव ने बीएचयू प्रशासन पर इलाज मे लापरवाही का आरोप लगाते हुये प्रमोद श्रीवास्तव के मौत की जांच करने की मांग की और कहा की जो बीएचयू मरीजो को पानी नही दे रहा है वह इलाज क्या करेगा? अधिवक्ता प्रमोद श्रीवास्तव की मृत्यु बीएचयू में डाक्टरों द्वारा इलाज में लापरवाही के कारण हुई है प्रथम दृष्टया तत्काल प्रभाव से मेडिकल सुपरिन्टेन्डेन्ट और वीसी का स्थानान्तरण होना चाहिए ।  कुछ दिन पूर्व अधिवक्ता सुनील श्रीवास्तव कक्कू की मौत पर भी बीएचयू पर लगे थे गंभीर आरोप एक अन्य अधिवक्ता सुनील श्रीवास्तव कक्कु की भी मौत कुछ दिन पूर्व बीएचयू में ही करोना संक्रमित होने के कारण हुयी थी। बीएचयू में लापरवाही को लेकर मृतक अधिवक्ता का एक आडियो वायरल हुआ था जिसपर काफी हो हल्ला मचा था।
 मृतक के शोक में अधिवक्ता रहे न्यायिक कार्य से विरत 
अधिवक्ता प्रमोद श्रीवास्तव के मृत्यु पर अधिवक्ता रंजन मिश्रा हरीश चंद्र मौर्य के प्रस्ताव पर साधारण सभा आरोपी को जहां अधिवक्ताओं ने मृतक के प्रति अपनी शोक संवेदना प्रकट करते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया । सभा की अध्यक्षता सेंट्रल बार अध्यक्ष प्रेम शंकर पांडे ने की व सभा का संचालन महामंत्री शैलेंद्र कुमार सिंह बबलू ने किया।वरिष्ठ अधिवक्ता फौजदारी दिलिप सिंह बताते है कि 23नवम्बर 2007को जब दिवानी कचहरी मे भयानक बम ब्लास्ट हुआ तो प्रमोद श्रीवास्तव उस ब्लास्ट मे बुरी तरीके से घायल हो गये थे।उनका घायलो के लिस्ट मे नाम था।जब शासन के लोग उन्हे पचास हजार रुपया सहायता राशि के तौर पर देने लगे तो उन्होने बहुत ही विनम्रता से इंकार करते हुए कहा की मेरी जान बच गयी यही बहुत है आप इस पैसे को किसी और जरूरतमंद को दे दिजियेगा।
 अधिवक्ताओं ने बीएचयू प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप 
बनारस बार के पुर्व महामंत्री नित्यानन्द राय व मृतक के भाई सुबोध श्रीवास्तव ने बीएचयू प्रशासन पर इलाज मे लापरवाही का आरोप लगाते हुये प्रमोद श्रीवास्तव के मौत की जांच करने की मांग की और कहा की जो बीएचयू मरीजो को पानी नही दे रहा है वह इलाज क्या करेगा? अधिवक्ता प्रमोद श्रीवास्तव की मृत्यु बीएचयू में डाक्टरों द्वारा इलाज में लापरवाही के कारण हुई है प्रथम दृष्टया तत्काल प्रभाव से मेडिकल सुपरिन्टेन्डेन्ट और वीसी का स्थानान्तरण होना चाहिए ।  कुछ दिन पूर्व अधिवक्ता सुनील श्रीवास्तव कक्कू की मौत पर भी बीएचयू पर लगे थे गंभीर आरोप एक अन्य अधिवक्ता सुनील श्रीवास्तव कक्कु की भी मौत कुछ दिन पूर्व बीएचयू में ही करोना संक्रमित होने के कारण हुयी थी। बीएचयू में लापरवाही को लेकर मृतक अधिवक्ता का एक आडियो वायरल हुआ था जिसपर काफी हो हल्ला मचा था।
 मृतक के शोक में अधिवक्ता रहे न्यायिक कार्य से विरत 
अधिवक्ता प्रमोद श्रीवास्तव के मृत्यु पर अधिवक्ता रंजन मिश्रा हरीश चंद्र मौर्य के प्रस्ताव पर साधारण सभा आरोपी को जहां अधिवक्ताओं ने मृतक के प्रति अपनी शोक संवेदना प्रकट करते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया । सभा की अध्यक्षता सेंट्रल बार अध्यक्ष प्रेम शंकर पांडे व संचालन महामंत्री शैलेंद्र कुमार सिंह बबलू ने किया।



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