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वसूली लिस्ट वाॅयरल करने वाले सिपाही को एसपी व सीओ से जान का खतरा, पत्र लिखकर लगाया यह आरोप

वसूली लिस्ट वाॅयरल करने वाले सिपाही को एसपी व सीओ से जान का खतरा, पत्र लिखकर लगाया यह आरोप

चंदौली। काशीलाइव

मुगलसराय कोतवाली पुलिस के लाखों की वसूली का खेल उजागर करने वाले सिपाही को यह इनाम मिला कि एसपी व सीओ मुगलसराय कोतवाली पुलिस के पूर्व थानाध्यक्ष ही उसके जान के दुश्मन हो गए है। उसने इस बाबत पत्र लिखकर मुख्यमंत्री को अवगत कराया है कि अगर उसको या उसके परिवार को किसी सदस्य को कुछ भी होता है, तो यह लोग ही जिम्मेदार होंगे। 

यह था मामला 

अभी कुछ दिनों पूर्व मुगलसराय कोतवाली पुलिस की एक वसूली लिस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होती है। जिसे आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने ट्वीट कर पुलिस महकमे में भूचाल ला दिया था। इसके बाद विजलेंस पत्र की जांच करती है, और मामला सही पाया जाता है। इसके बाद आरोपी मुगलसराया इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा को लाइन हाजिर कर दिया है। लेकिन इसके कुछ ही दिनों बाद उन्हे प्रशासनिक आधार पर ईओडब्ल्यू लखनऊ स्थानांतरित कर दिया गया।

हेड कांस्टेबल ने पत्र में यह लगाया आरोप

हेड कांस्टेबल अनिल सिंह ने पत्र में लिखा है कि प्रभारी निरीक्षक के भ्रष्टचार को उजागर करती लिस्ट सबसे पहले एसपी को दी थी। सीयूजी नंबर पर ह्वाट्सएप किया था। लेकिन उनके स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब जबकि जांच में आरोप सत्य पाए गए हैं और एसपी भी दोषी पाए जा रहे हैं तो खिन्न होकर बदले की कार्रवाई करना चाहते हैं। झूठे मुकदमे में फंसाने, बर्खास्त करने की साजिश रची जा रही है। लिखा है कि यदि मेरे साथ अप्रिय घटना होती है तो इसके जिम्मेदार एसपी, सीओ और इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा होंगे। 

यह कहां एसपी ने 

वहीं इस बाबत एसपी हेमंत कुटीयाल से बात करने पर उन्होंने बताया कि आरोपी सिपाही पर पहले से ही भ्रष्टाचार को दो मामले चल रहे है। सिपाही जेल भी जा चुका है और हाईकोर्ट की बेल पर बाहर है। इसके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई को शासन को पत्र लिखा गया है। जिससे बदले की भावना में वह कोई भी आरोप लगा रहा है। जो की निराधार है।
 



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