logo
add image

इलाज के दौरान लड़े नैन तो लगा लिए सात फेरे, अब फंस गए बलात्कार में

इलाज के दौरान लड़े नैन तो लगा लिए सात फेरे, अब फंस गए बलात्कार में

वाराणसी। काशीलाइव

बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में कार्यरत खोजवां सरायनंदन निवासी अभिलाष दूबे उर्फ मोना के खिलाफ मंगलवार की रात लंका थाने में दुष्कर्म सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के साथ ही आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। मिर्जापुर जिले के नई बस्ती बघेरा क्षेत्र की एक युवती के अनुसार वह अपने जीविकोपार्जन के लिए सीरगोवर्धनपुर स्थित एक क्लीनिक में काम करती थी। गठिया रोग से ग्रस्त होने के कारण वह बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में उपचार कराने गई तो उसकी मुलाकात वहां काम करने वाले अभिलाष दूबे उर्फ मोना से हुई। 

दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला बढ़ा तो उन्होंने शादी करने का निर्णय लिया। 17 अगस्त 2016 को दोनों ने एक मंदिर में शादी की। इस दौरान वह गर्भवती हो गई थी तो अभिलाष ने जबरन उसका गर्भपात करा दिया था। कुछ समय बीतने के बाद पता लगा कि अभिलाष वर्ष 2014 से ही शादीशुदा है और उसका एक बेटा भी है।

इस बीच अभिलाष ने उससे छह लाख दस हजार रुपये भी तरह-तरह के काम और दोनों की जिंदगी की बेहतरी के लिए बताकर ऐंठे। कोई काम न दिखाई देने पर वापस मांगने पर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। इस संबंध में इंस्पेक्टर लंका महेश पांडेय ने बताया कि युवती की तहरीर मिलते ही आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश के लिए पुलिस की एक टीम लगाई गई है।
 



footer
Top