logo
add image

अंधेरे में की थी काशी के कारोबारी की हत्या, विंध्य की पहाड़ियों में मिली लाश

अंधेरे में की थी काशी के कारोबारी की हत्या, विंध्य की पहाड़ियों में मिली लाश

16 January 2021

गुमशुदगी की आड़ में अपने तो नहीं कर गए काम तमाम

वाराणसी। काशीलाइव 

मिर्जापुर में विंध्य की पहाड़ियों के बीच जंगल मे शुक्रवार को जो दो अधजले शव बरामद हुए थे उनकी शिनाख्त हो गयी है। मृतकों में एक वाराणसी का अपराधी शुभम केशरी निवासी गोला दीनानाथ था तो दूसरा रवि पांडेय निवासी महमूरगंज था। 

बनारस के थानों में दर्ज थी गुमशुदगी की रिपोर्ट 
झोला कारोबारी प्रमोद निगम  की हत्या करने वाला शुभम केशरी बीते दिनों पैरोल पर छुटा था, पांच जनवरी को उसे वापस जेल जाना था। जेल जाने से पहले ही वह अचानक लापता हो गया था। पांच जनवरी को ही परिजनों की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने  उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखी थी। 15 जनवरी को  थाना अहरौरा जनपद मिर्जापुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छातों पहाड़ी पर मृत मिले  रवि पांडेय की गुमशुदगी थाना भेलूपुर जनपद वाराणसी में बीते  दिनांक 23 दिसम्बर को दर्ज हुई थी। 

निगम हत्याकांड में हुई थी शुभम की गिरफ्तारी 
चौक थाना क्षेत्र के हड़हा सराय में २८ अगस्त 2017 झोला व्यवसायी मोहन निगम की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में पुलिस ने शुभम और उसके साथी संजय यादव उर्फ नाटे यादव शामिल था। शुभम कभी मोहन निगम की दुकान पर काम करता था। बहन की शादी के लिए उसने मोहन निगम के साले से 90 हजार लिए थे लेकिन लौटाने में टालमटोल किया। थाने पर पंचायत हुई फिर भी बात नहीं बनी। वसूली को लेकर शुभम के पिता के साथ बदसलूकी होने पर वह बौखला गया और अपने साथी नाटे यादव के साथ मिलकर मोहन निगम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 

जेल के बाहर है नाटक यादव 
जानकारी के अनुसार निगम हत्याकांड का आरोपित संजय उर्फ नाटे यादव भी जेल से बाहर है। शुभम की शिनाख्त होने के बाद पुलिस भी उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। 

1 साल से था रवि का साथ 
पुलिस को मिली अब तक की जानकारी के अनुसार रवि और शुभम बीते एक साल से साथ थे। रवि भी गोला दीनानाथ इलाके का रहने वाला था लेकिन बीते कुछ महीनों से परिवार गोपाल विहार महमूरगंज में रह रहा था। 

गुमशुदगी की आड़ मैं कर गया कोई काम 
ये पहली बार है कि जब किसी अपराधी के परिजन उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाने के लिए थाने का चक्कर लगा रहे हों। अमूमन अपराधी पुलिस के डर से भागा रहता है लेकिन उनके परिजनों को उनकी खबर रहती है। पुलिस को शक है कि परिजन उनके लापता होने को लेकर घबराए थे, इसका मतलब कि उन्हें भी अपने बेटों के साथ अनहोनी की आशंका रही हो या फिर दोनों ने अपने को किसी मुसीबत में फंसे होने का संकेत दिया हो और उसके बाद संपर्क न होने से परिजनों ने उनके गायब होने की रिपोर्ट लिखायी। उधर, पुलिस को यह भी शक है कि किसी लूट को अंजाम देने के बाद माल के बंटवारे को लेकर हुए विवाद के बाद शुभम और उसके साथी रवि पांडेय की हत्या कर दी गई हो और उनकी पहचान मिटाने के उद्देश्य से उन्हें जलाने की कोशिश की गई ताकि पुलिस की फाइल में दोनों लापता ही रहें।

मिर्जापुर के साथ वाराणसी पुलिस भी लगी राजफाश को 
मिर्जापुर में बनारस के अपराधी की लाश मिलने के बाद स्थानीय पुलिस भी सक्रिय हो गयी है। सीओ कोतवाली ने बताया कि शुभम और रवि से जुड़े हर मामले की तह तक जाने को अलग अलग टीम बनाई गई है। जल्दी ही मामले का खुलासा होगा कि विंध्य की पहाड़ियों में हुई हत्या का वाराणसी से क्या कनेक्शन है। 
 



footer
Top