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गहलोत सरकार ने पुजारी परिवार की शर्तें मानी, परिजनों को मिलेगा 10 लाख मुआवजा व एक सरकारी नौकरी

गहलोत सरकार ने पुजारी परिवार की शर्तें मानी, परिजनों को मिलेगा 10 लाख मुआवजा व एक सरकारी नौकरी

काशीलाइव।

राजस्थान के करौली जिले के सपोटरा में पुजारी की हत्या के बाद से धरने पर बैठे परिवार की मांग को अशोक गहलोत सरकार ने मान लिया है। बताया जा रहा है कि राजस्थान सरकार पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डेढ़ लाख रुपये का मकान और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देगी। इतना ही नहीं इस मामले की जांच के लिए जयपुर से एक एसआईटी का गठन भी किया जाएगा। आपको बता दें कि पुजारी बाबूलाल के परिवार ने शनिवार को अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया था।

राज्यपाल ने की सीएम से बात

पुजारी को कथित रूप से जलाने की घटना के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बात की। इस दौरान राज्यपाल ने चिंता जताई। सीएम ने आश्वासन दिया कि मामलों की जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी तरफ, करौली के सपोटरा इलाके में पुजारी को जिंदा जलाने के बाद से वहां के लोगों में गुस्सा नहीं थम रहा है। परिवार के लोगों ने पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है और राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के सामने कुछ मांगें रखी हैं। परिवार का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती हैं वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। आपको बता दें कि इस मामले के मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुजारी के परिवार ने रखी शर्तें

पुजारी बाबूलाल के रिश्तेदार ललित ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि हम चाहते हैं कि 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले। सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और आरोपियों का समर्थन करने वाले पटवारी और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। पुजारी के परिवार को सुरक्षा भी मिलनी चाहिए। पुलिस के अनुसार घटना सापोटरा के बूकना गांव की है। वहां बुधवार को एक मंदिर के पुजारी बाबू लाल वैष्णव पर पांच लोगों ने हमला किया। आरोप है कि मंदिर के पास की खेती की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे इन लोगों ने पुजारी पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी।

सीएम ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा है, सपोटरा में बाबूलाल वैष्णव जी की हत्या अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है, सभ्य समाज में ऐसे कृत्य का कोई स्थान नहीं है। प्रदेश सरकार इस दुखद समय में शोकाकुल परिजनों के साथ है। घटना के प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है एवं कार्रवाई जारी है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस के मुताबिक, मरने से पहले पुजारी ने पुलिस को बताया था कि कैलाश मीणा अपने साथियों शंकर, नमो, किशन और रामलखन के साथ मंदिर के बाड़े पर कब्जा कर छप्पर लगा रहा था। मैंने विरोध किया तो पेट्रोल डालकर आग लगा दी। मेरा परिवार मंदिर की 15 बीघा जमीन पर खेती कर अपना गुजारा करता है।

कैसे शुरू हुआ विवाद 

बाबूलाल वैष्णव सपोटरा तहसील के बूकना गांव के पुराने राधाकृष्ण मंदिर में पूजा करते थे। ग्रामीणों ने मंदिर के लिए खेती की जमीन दान दी थी, जो राजस्व रिकॉर्ड में मंदिर माफी में दर्ज है। करीब एक महीने पहले कुछ लोग जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करने लगे। पुजारी ने इसकी शिकायत की थी। 4-5 दिन पहले भी गांव के 100 घरों की बैठक हुई थी, जिसमे पंचों ने पुजारी का समर्थन किया था। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस घटना को निंदनीय बताते हुए कहा है कि राज्य की कांग्रेस सरकार को दोषियों को सख्त सजा दिलाकर परिवार को तुरंत न्याय दिलाना चाहिए।
 



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