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गंगा में साइबेरियन पक्षी को दाना खिलाने पर जिलाधिकारी ने लगाई रोक, प्रवासी पक्षी बने दुश्मन, जानिए वजह

गंगा में साइबेरियन पक्षी को दाना खिलाने पर जिलाधिकारी  ने लगाई रोक, प्रवासी पक्षी बने दुश्मन, जानिए वजह

11 January 2021

वाराणसी। काशीलाइव

गंगा में कलरव करते साइबेरियन पक्षी को दाना खिलाने पर जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने रोक लगा दी है। जिलाधिकारी ने वाराणसी के नदी- तलाब में मौजूद प्रवासी पक्षियों से आमजन को दूर रहने की चेतावनी दी है। 

जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने सोमवार को राइफल क्लब सभागार में बर्ड फ्लू से सम्बंधित बैठक की। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि सभी वेटरिनरी आफिसर्स को फील्ड में भेज कर सैम्पलिंग की कार्रवाई तेजी से करायी जाये। 

थानों पर लिखवाए नम्बर

जिलाधिकारी ने सभी थानों पर सम्बंधित पशु चिकित्सा अधिकारियों का मोबाइल नंबर लिखवाने का निर्देश दिया।
सड़क दुर्घटना आदि में घायल पशुओं को तुरंत नजदीकी गोशाला में पहुंचाने व मृत पशुओं को गोशाला से तत्काल हटवाने तथा सभी गौशालाओं की जांच कराने व गायों की बीमारियों की जांच कराने का भी निर्देश सीवीओ को दिया गया।

आवारा पशुओं को पहुंचाए गोशाला

रेलवे ट्रैक के आसपास के गांवों के सभी आवारा पशुओं को शत प्रतिशत गोशाला में कल तक पहुंचाये जाने का निर्देश दिया।

मीट विक्रेताओं के साथ बैठक

सभी बीडीओ को ग्रामीण क्षेत्रों में सभी ग्राम सचिवों को मुर्गा व मीट बेचने वाले दुकानदारों के साथ कल तक बैठक कर उनको जागरुक करने, साफ सफाई रखने और किसी प्रकार के पशु पक्षी  के सामुहिक मृत्यु की सूचना तत्काल सम्बंधित थाने एवं पशु चिकित्सा अधिकारियों को देने का निर्देश दिया गया।

- नहरों, तालाबों आदि स्थानों पर प्रवासी पक्षियों पर भी सतर्क निगाह रखने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकारी व कर्मचारियों को निर्देश दिया।

-  नगर निगम के सभी 400 मुर्गे और 250 मीट की दुकानों का सत्यापन कराये जाने का निर्देश दिया।

- उन्होंने गंगा नदी में प्रवासी पक्षियों को दाना आदि खिलाये जाने पर रोक लगाते हुए जल पुलिस व नगर निगम के कर्मचारियों को इसका अनुपालन कराने का निर्देश दिया।

- जन सामान्य में भी जागरूकता फैलाने के लिए पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया और सुरक्षात्मक उपायों को अपनाये जाने पर जोर दिया।

शहरी क्षेत्र में भी मीट मर्गे के दुकानदारों को सतर्क रहने और साफ सफाई रखने के साथ-साथ सुरक्षा के मानक अपनायें जाने का निर्देश दिया।
 
चिड़ियाघर में निगरानी

डीएफओ ने भी बताया कि चिड़िया घर की 24 घंटे निगरानी करने केलिए कर्मचारी तैनात कर दिया गया है। सभी एसडीएम को कल तक गांवों को तीन श्रेणियों A, B तथ C में बांट कर सूची उपलब्ध कराये जाने का निर्देश दिया है जिसमें A श्रेणी में अति संवेदनशील गांव B श्रेणी में संवेदनशील तथा C श्रेणी में सामान्य गांवों  को रखा जाये।



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