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पत्रकारों पर हमले ने खोली काले कारनामों की पोल 

पत्रकारों पर हमले ने खोली काले कारनामों की पोल 

सोनभद्र। काशीलाइव 

अवैध खनन के लिये बदनाम हो चुके सोनभद्र में पत्रकारों पर न्यूज़ कवरेज के दौरान हुए जानलेवा हमले ने जिले के बदतर हालात की पोल खोल कर दी है। जिले में बालू, गिट्टी, कोयला जैसे खनिज के साथ एल्युमिनियम, रसायन, बिजली के उत्पादन में देश मे बड़ा स्थान रखता है। जिले में खनिज के साथ ऊर्जा यानी कोयला से बिजली ने भले ही देश के निर्माण में बड़ा योगदान दिया हो लेकिन यहां के हिस्से में केवल लाचारी और शोषण ही हासिल हुई है।

जिले की खस्ताहाल कानून व्यवस्था का जीता जागता उदारहण इस समय देखने को मिला जब समाचार संकलन के दौरान न्यूज़ चैनल के पत्रकारों के ऊपर अवैध काम को बढ़ावा देने वालो की भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया। हमले के शिकार पत्रकार रंगेश सिंह और अशोक चौबे ने काशी लाइव को बताया कि मंगलवार की दोपहर में जिलाधिकारी कार्यालय से लौटते समय लोढ़ी स्थित स्टेट हाइवे 5 के टोल प्लाज़ा पर मालवाहक वाहनों की भारी भीड़ देखकर वे रुक गए और मामले की जानकारी लेने के लिये प्लाजा के बैरियर के पास पहुंचे तो वहां दो व्यक्ति मालवाहक गाड़ियों के कागजात चेक कर रहे थे।

अभी पत्रकारों ने मौके पर लगी लम्बी लाइन का माजरा समझ ही रहे थे कि कुछ अराजक लोगो का समूह वहां पर न्यूज़ सम्बधी रिकॉर्डिंग कर रहे अशोक चौबे पर जानलेवा हमला कर दिया । अचानक हुए इस हमले से भौचक पत्रकारोने किसी प्रकार अपने जान माल की रक्षा की। और घटना की जानकारी 112 को देते हुए स्थानीय पुलिस को भी सूचित किया। काफी देर बाद पीआरवी पुलिस के आने पर मामले से पुलिस अधीक्षक को अवगत कराते हुए पीड़ित पत्रकारों ने पुलिसिया रवैये पर नाराजगी जताई और मामले में कार्यवाही के लिये रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में तहरीर देकर दो नामजद व्यक्तियों व अज्ञात पर कार्यवाही की मांग की। 

क्या है पूरा मामला

इस मामले में पत्रकारों ने बताया कि जिले में इन दिनों जिलाधिकारी के निर्देश पर अधिकारियों की एक  टीम गठित हुई  है जिसे मालवाहक गाड़ियों में ओवरलोड  और परमिट की जांच में किसी प्रकार की कोताही रोकने के सख्त निर्देश हैं। इस टीम के द्वारा जिले की एकमात्र लाइफ लाइन वाराणसी शक्तिनगर मार्ग पर स्थित लोढ़ी टोलप्लाजा पर बड़ी संख्या में बिना परमिट और ओवरलोड गाड़ियों के अवैध रूप से छोड़े जाने की चर्चा की पुष्टि के क्रम में जब वे प्लाजा पहुंचे तो समाचार संकलन के दौरान उन पर जानलेवा हमला किया गया। इस मामले में पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार और हमले की मिली सूचना और पीड़ित के शिकायती पत्र के आधार पर मुकदमा दर्ज करके दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के लिये दबिश दी जा रही है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब प्लाजा पर किसी प्रकार का कोई अवैध कार्य नही हो रहा था तो पत्रकारों को समाचार संकलन से क्यो रोकने और उनपर जानलेवा हमले की घटना क्यो हुई।

पुलिस अधीक्षक ने जारी किया था वीडियो

बीते दिनों पुलिस अधीक्षक ने  मालवाहक गाड़ियों से बड़े पैमाने पर हो रही अवैध वसूली की सूचना पर सख्त रवैया अपनाते हुए किसी प्रकार की धन वसूली की शिकायत मिलने पर बर्खास्त करने वाला वीडियो खूब चर्चा में रहा था। इस वीडियो की चेतावनी के बावजूद भी जिले में अवैध रूप से बिना परमिट की गाड़ियों के संचालन की खबर आये दिन सुनाई देती रहती है इन्ही खबरो की पुष्टि के लिए पत्रकारों ने मौके पर जाकर वस्तुस्थिति की जानकारी लेनी चाही तो धर्मेन्द्र तिवारी और अंशु श्रीवास्तव ने तमाम लोगों के साथ मिलकर उन पर जानलेवा हमला कर दिया।

मोदी के 115 जिलों में शामिल है सोनभद्र

जिले में वन भूमि के विवाद विस्थापन, दर्द से बढ़ते पिछडेपन को देखते हुए केन्द्र की मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान जिले को समूचे देश से चयनित 118 अति महत्वकांक्षी जिलो की सूची में शामिल किया था। लेकिन विकास के लिये अरबों रुपये खर्च करके तमाम प्रयासों के पश्चात भी जिले की तस्वीर बदलने की कोई सूरत नहीं नजर आ रही। शिक्षा,स्वास्थ्य सुविधा,आय के स्रोत बढ़ाने, कुपोषण की समाप्ति जैसे सूचकांग के जरिए जिले के आम लोगो के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिये हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं लेकिन जिले का दुर्भाग्य है कि जिले में मोदी के सपने को उनके ही अधिकारी पलीता लगा रहे हैं



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