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शराब है महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं का कारण, तत्काल हो बंद

शराब है महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं का कारण, तत्काल हो बंद

वाराणसी। काशीलाइव

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस कि पूर्व संध्या पर लोक समिति वाराणसी और आशा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में आर्दश ग्राम नागेपुर में बेटियों के हक और अधिकार के लिये बालिका बचाओ रैली निकाली गई। रैली में शामिल नागेपुर और आसपास की सैकड़ों लड़कियों ने प्रधानमंत्री से कन्या भू्रण हत्या, यौन उत्पीड़न, दहेज, बाल विवाह आदि सामाजिक कुरीतियों को रोक लगाने की मांग की।

रैली में शामिल बालिकाओं का कहना था कि गांव ज्यादातर लोग शराब में डूब चुके है, जिसका खामियाजा महिलाओं और बेटियों को भुगतना पड़ रहा है। बेटियों और महिलाओं के ऊपर होने वाली घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, छेड़खानी, बलात्कार, मारपीट की घटनाओं का सबसे बड़ा कारण शराब है। उन्होंने सरकार से शराब को पूरे प्रदेश में बिहार और गुजरात की भांति तत्काल  बंद करने की मांग किया।  

लोक समिति संयोजक नंदलाल मास्टर ने कहा कि गांवांे में किशोरी लड़कियों की दशा चिंतनीय है। लड़कांे और लड़कियों में अभी भी भेदभाव किया जाता है। पढ़ने में अच्छा होने के बावजूद बहुत से लड़कियों की पढ़ाई छुड़ाकर कम उम्र में उनकी शादी करा दी जाती है। इस दौरान किशोरी संगठन की संयोजिका सोनी ने  कहा कि आज घर में ही लड़किया सुरक्षित नही है, बहुत बार परिवार और उनके रिश्तेदारों द्वारा लड़कियां  यौन शोषण का शिकार होती रहती है। इसलिए लड़कियों को घरेलु यौन उत्पीड़न व यौन हिंसा के बारे में जागरूक करने की जरुरत है।

महिला संगठन की संयोजिका अनीता पटेल ने कहा कि हमारे देश में बेटियां सुरक्षित नहीं है। एक तरफ सरकार बेटी बचाओ और बेटी  पढ़ाओं का नारा लगाती है। वहीं दूसरी ओर हाथरस गैंगरेप जैसी शर्मनाक घटना रोज हो रही है। जो कि मानवता के लिए एक धब्बा है और हम सभी के लिए शर्मनाक है। 
 



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